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लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 76,808 पर बंद, निवेशकों में जबरदस्त उत्साह

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 544 अंक चढ़कर 76,808 पर और निफ्टी 23,989 पर बंद हुआ। आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर मिले सकारात्मक संकेतों के कारण बाजार में निवेशकों की मजबूत खरीदारी बनी रही। खासकर आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर में हुई खरीदारी ने पूरे बाजार को मजबूती दी और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों ही इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इस लगातार तेजी ने निवेशकों के बीच एक नया भरोसा पैदा किया है कि बाजार अभी भी ऊपर की ओर जाने की क्षमता रखता है।

बीएसई सेंसेक्स 544.15 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,808.48 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 135.25 अंक यानी 0.57 प्रतिशत चढ़कर 23,989.15 के स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा दिन है जब भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक क्लोजिंग दी है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अभी भी मजबूत खरीदारी का माहौल बना हुआ है।

आज के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से कई दिग्गज शेयरों ने बाजार को मजबूती दी। एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। इन कंपनियों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी के कारण इंडेक्स को ऊपर खींचने में मदद मिली। दूसरी ओर कुछ शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और टाटा स्टील जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी थोड़ी संतुलित बनी रही।

सेक्टोरल फ्रंट पर देखें तो आईटी सेक्टर ने आज सबसे शानदार प्रदर्शन किया। वैश्विक टेक डिमांड में सुधार और निवेशकों की मजबूत रुचि के चलते आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इसके साथ ही मीडिया सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे बाजार का सेंटीमेंट और मजबूत हुआ। एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर ने भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त के साथ बाजार को सपोर्ट किया। इन सेक्टर्स की मजबूती यह संकेत देती है कि निवेशक अब स्थिर और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं।

हालांकि सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। मेटल, हेल्थकेयर, सीमेंट और फार्मा सेक्टर में आज दबाव देखने को मिला। इन सेक्टर्स में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी पूरी तरह एकतरफा नहीं बन पाई। खासकर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग को लेकर अनिश्चितता ने मेटल और सीमेंट सेक्टर पर दबाव डाला।

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का बाजार हल्की गिरावट में रहा, जबकि हांगकांग के बाजार में अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत यूरोपीय बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिली और वे हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में मजबूत प्रदर्शन किया था, खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों की वजह से नैस्डैक में बड़ी बढ़त दर्ज की गई थी, जिसने वैश्विक निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया।

भारतीय बाजार की इस लगातार तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक महंगाई के दबाव में कुछ राहत मिली है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यापारिक तनाव में कमी के संकेतों ने भी बाजार को सपोर्ट किया है क्योंकि यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा संभालता है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की वापसी भी बाजार के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। हाल के कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने शुद्ध खरीदारी की है, जिससे बाजार में तरलता बढ़ी है और तेजी को समर्थन मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले समय में बाजार और नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तेजी केवल वैश्विक संकेतों पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती, कॉरपोरेट अर्निंग्स और सेक्टोरल ग्रोथ का भी बड़ा योगदान है। खासकर आईटी, रियल एस्टेट, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस सेक्टर इस रैली को व्यापक आधार दे रहे हैं।

कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार फिलहाल मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, लेकिन घरेलू आर्थिक संकेतक और निवेशकों का भरोसा बाजार को आगे बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक घटनाओं और आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी।

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन की तेजी यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। यह तेजी केवल एक अस्थायी उछाल नहीं है, बल्कि इसके पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों तरह के कारक जिम्मेदार हैं। खासकर आईटी और एफएमसीजी सेक्टर का प्रदर्शन यह दिखाता है कि बाजार में स्थिर और मजबूत कंपनियों की मांग बढ़ रही है।

हालांकि मेटल और फार्मा जैसे सेक्टरों में कमजोरी भी देखने को मिली, जो यह बताती है कि बाजार अभी पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है। वैश्विक तेल कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर आगे भी देखने को मिल सकता है।

एफआईआई की वापसी इस समय सबसे सकारात्मक संकेतों में से एक है, क्योंकि विदेशी निवेश बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। यदि यह निवेश प्रवाह जारी रहता है तो बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

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